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मनुष्यः (मनुष्य) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप- Manusha(Human) Akarant purling shabd roop

मनुष्यः (मनुष्य) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप - Manusha(Human) Akarant purling shabd roop मनुष्य शब्द अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप के जैसै चलते है। नीचे दी गयी तालिका में मनुष्य शब्द के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इन्हे याद कर के आप सभी अकारांत पुर्लिंग सज्ञां शब्द के रुप बना सकते हैं जैसै- रामः (राम) ईश्वर (God) बालकः ( बालक) नृपः( king), विद्यालयः(school), ग्रामः(village) इत्यादि।

ईश्वरः (भगवान) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप- Ishwar (God) Akarant purling shabd roop

ईश्वरः (भगवान) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप- Ishwar (God) Akarant purling shabd roop ईश्वरः शब्द अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप के जैसै चलते है। नीचे दी गयी तालिका में ईश्वरः के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इन्हे याद कर के आप सभी अकारांत पुर्लिंग सज्ञां के रुप बना सकते हैं जैसै- रामः (राम) बालकः(Child), मनुष्यः( Human), नृपः( king), विद्यालयः(school), ग्रामः(village) इत्यादि। ईश्वरः (भगवान) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप ईश्वरः (भगवान) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप विभक्तियॉ एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथम ईश्वरः ईश्वरौ ईश्वराः द्वितीया ईश्वरम् ईश्वरौ ईश्वरान् तृतीया ईश्वरेण ईश्वराभ्याम् ईश्वरैः चतुर्थी ईश्वराय ईश्वराभ्याम् ईश्वरेभ्यः पंचमी ईश्वरात् / ईश्वराद् ईश्वराभ्याम् ईश्वरेभ्यः षष्ठी ईश्वरस्य ईश्वरयोः ईश्वराणाम् सप्तमी ईश्वरे ईश्वरयोः ईश्वरेषु सम्बोधन हे ईश्वर हे ईश्वरौ हे ईश्वराः

एषः अकारांत पुर्लिंग सर्वनाम शब्द रुप- ēṣaḥ akārānt purlinga śabda rupa

आज हम एषः अकारांत शब्द रुप सिखेंगे। इंग्लिश में एषः का अर्थ “he” होता है। परंतु सः का भी अर्थ "he" है। दोनो शब्दों मे अंतर यह है की एषः का प्रयोग हम अपने समीप के व्यक्ति के लिए करते है जबकि सः का प्रयोग हम अपने से किसी दूर के व्यक्ति के लिए करते है। स्त्रीलिंग में एषः हो जाता है एषा और सः हो जाता है सा, परंतु उनका प्रयोग समान ही रहता है। एषः एक सर्वनाम शब्द है, जो की यदादि शब्द समूह से है जिसके अन्य शब्द है -यद्, तद्, एतद्, किम् आदि। यहाँ ध्यान रखने वाली बात है की सर्वनाम शब्दों में सात ही रूप होते है सम्बोधन नहीं होता। नीचे दी गयी तालिका में हम एषः के पुर्लिंग शब्द रूप सिखेंगे। एषः के स्त्रीलिंग एवं नपुंसकलिंग में भी शब्द रूप होते है। एषः अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप   विभक्त्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथम एषः एतौ एते द्वितीया एनम् / एतम् एनौ / एतौ एनान् / एतान् तृतीया एनेन / एतेन एताभ्याम् एतैः चतुर्थी एतस्मै एताभ्याम् एतेभ्यः पंचमी एतस्मात् / एतस्माद् एताभ्याम् एतेभ्यः षष्ठी एतस्य एनयोः / एतयोः एतेषाम् सप्तमी एतस्मिन् एनयोः / एतयोः एतेषु एषः अका...

रामः (राम) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप- Rāmaḥ (Rāma) akārānt purlinga śabda rupa Sanskrit(संस्कृत)

रामः शब्द अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप के जैसै चलते है। नीचे दी गयी तालिका में राम के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इन्हे याद कर के आप सभी अकारांत पुर्लिंग सज्ञां शब्दो के रुप बना सकते हैं जैसै- ईश्वरः (God) , बालकः(Child) , मनुष्यः( Human) , नृपः( king) , विद्यालयः(school), ग्रामः(village) इत्यादि।   एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथम रामः रामौ रामाः द्वितीया रामम् रामौ रामान् तृतीया रामेण रामाभ्याम् रामैः चतुर्थी रामाय रामाभ्याम् रामेभ्यः पंचमी रामात् रामाभ्याम् रामेभ्यः षष्ठी रामस्य रामयोः रामानाम् सप्तमी रामे रामयोः रामेषु सम्बोधन हे राम हे रामौ हे रामाः रामः (राम) अकारांत पुर्लिंग शब्द रुप

गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप- Guru shabd roop

गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप- Guru ke shabd roop गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप के जैसै चलते है। निचे दी गयी तालिका में गुरु के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इनहे याद कर के आप सभी उकारांत पुर्ल्लिग सज्ञां के रुप बना सकते हैं जैसै- साधु, भानु (सुर्य का पर्यायवाची, a name of sun), शिशु(नवजात बालक, small child), वायु( wind),ऋतु(weather), शम्भु इत्यादि। विभक्तियॉ एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथम गुरुः गुरू गुरवः द्वितीया गुरुम् गुरू गुरून् तृतीया गुरुना गुरुभ्याम् गुरुभिः चतुर्थी गुरवे गुरुभ्याम् गुरुभ्यः पंचमी गुरौः गुरुभ्याम् गुरुभ्यः षष्ठी गुरौः गुर्वोः गुरूनाम् सप्तमी गुरौ गुर्वो गुरुपु सम्बोधन हे गुरौ हे गुरू हे गुरवः गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप

हरि (विष्णु) इकारान्त पुर्लिग शब्द

Hari Ikarant (इकारान्त) purling Shabd roop. In this post, we will learn about hari (हरि) shabd roop. Hari is an ikarant shabd, if we do a sandhi vichede of hari shabd ह् + अ + र् + इ = हरि, The last varn (alphabet) is इ making it an ikarant shabd. Also, hari (हरि) is a masculine(पुल्लिंग) shabd. Therefore, the Shabd roop will be ikarant purling. The following table has all the विभक्ति and कारक for hari shabd. In a similar way, other word forms can be made and remembered easily. You can access all shabd roop in this blog on our Sanskrit page . विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथमा हरि: हरी  हरय: द्वितीया हरिम् हरी हरीन् तृतीया हरिना हरिभ्याम्  हरिभि: चतुर्थी हरये हरिभ्याम्  हरिभ्य: पञ्चमी हरे:  हरिभ्याम् हरिभ्य: षष्ठी हरे: हर्यो: हरीनाम् सप्तमी हरौ  हर्यो: हरिषु सम्बोधन हे हरे हे हरी हे हरय: