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गृह (घर)अकारांत नपुंस्कलिंग शब्द रुप- Grha( ghara) akārānta napunsakaliṅga śabda rupa

गृह (घर)अकारांत नपुंस्कलिंग शब्द रुप -Grha( ghara) akārānta napunsakaliṅga śabda rupa गृह शब्द के रुप अकारांत नपुंस्कलिंग शब्द रुप के जैसै चलते है। नीचे दी गयी तालिका में गृह शब्द के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इनहे याद कर के आप सभी अकारांत नपुंसकलिंग सज्ञां के रुप बना सकते हैं जैसै- ज्ञानम्(knowledge), पुस्तकम् (book) , पुष्पम्(flower ) , जलम्(water) , सत्यम्(truth), भोजनम्(food), राज्यम्(state)इत्यादि। एकवचन द्विवचन बहुवचन  प्रथम गृहम् गृहे गृहाणि द्वितीया गृहम् गृहे गृहाणि तृतीया गृहेण गृहाभ्याम् गृहैः चतुर्थी गृहाय गृहाभ्याम् गृहेभ्यः पंचमी गृहात् गृहाभ्याम् गृहेभ्यः षष्ठी गृहस्य गृहयौः गृहाणाम् सप्तमी गृहे गृहयौः गृहेषु सम्बोधन हे गृह हे गृहे हे गृहाणि

गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप- Guru shabd roop

गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप- Guru ke shabd roop गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप के जैसै चलते है। निचे दी गयी तालिका में गुरु के अलग अलग विभक्तियो के रुप है। इनहे याद कर के आप सभी उकारांत पुर्ल्लिग सज्ञां के रुप बना सकते हैं जैसै- साधु, भानु (सुर्य का पर्यायवाची, a name of sun), शिशु(नवजात बालक, small child), वायु( wind),ऋतु(weather), शम्भु इत्यादि। विभक्तियॉ एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथम गुरुः गुरू गुरवः द्वितीया गुरुम् गुरू गुरून् तृतीया गुरुना गुरुभ्याम् गुरुभिः चतुर्थी गुरवे गुरुभ्याम् गुरुभ्यः पंचमी गुरौः गुरुभ्याम् गुरुभ्यः षष्ठी गुरौः गुर्वोः गुरूनाम् सप्तमी गुरौ गुर्वो गुरुपु सम्बोधन हे गुरौ हे गुरू हे गुरवः गुरु शब्द उकारांत पुर्ल्लिग शब्द रुप