आप सभी ने अपने जीवन में मालिश करी या करवायी होगी। बचपन में माता पिता द्वारा या सिर मे दर्द होने पर, कमर/ पैर की नस चढ़ने पर, सिर में ज़्यादा बाल गिरने पर या नहाने से पहले हम शरीर की मालिश करते है। पहलवान लोग अक्सर व्यायाम के साथ शरीर की मालिश करते हैं। आजकल स्पा सेंटर में शरीर की मसाज की अच्छी डिमांड है। मुझे आज भी याद है कि मेरी दादी बचपन से ही सिर की प्रतिदिन तेल मालिश करती थी, कभी कान में दर्द होने पर सरसों का तेल गर्म करके कान में डाला जाता था। आज भी नहाने के बाद सिर में तेल लगाना मैं नहीं भुलता हुँ। आज हम जानेंगे कि ये मालिश या अभ्यंग है क्या और आयुर्वेद में अभ्यंग के लाभ और हानि क्या है? साथ ही हम जानेंगे कि मालिश कैसे, किस तेल से और शरीर में मुख्य रूप से किन अंगों में करनी चाहिये? अभ्यंग/मालिश क्या हैं? अभ्यंग औषधीय तेलों द्वारा पूरे शरीर में मालिश की आयुर्वेदिक कला है। नियमित अभ्यंग करने से बहुत सारे लाभ हैं, चाहे वे आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा या आपके द्वारा घर पर की गई हों। अभ्यंग के लाभ क्या हैं? अब हम जानेगें कि अभ्यंग के क्या लाभ है...