चवर्ग (palatal), Sanskrit alphabet, Sanskrit-101 part -4

संस्कृत व्यंजन (चवर्ग) एवम् उनके उच्चारण सहित उदाहरण संस्कृत वर्णमाला

Welcome back friends, in today’s post we will learn more about Sanskrit consonants, in the last post we have begin the Sanskrit consonants and finish Guttural (कवर्ग), so let’s get started with चवर्ग (palatal) .

नमस्कार मित्रों, आज की पोस्ट हम व्यंजनो का आगे अध्ययन करेगे। पिछली पोस्ट में हमने संस्कृत व्यंजनो का अध्ययन प्रारंभ किया था और कवर्ग का अध्ययन उदाहरण सहित समाप्त कर लिया हैँ। आगे हम चवर्ग (palatal) का अध्ययन करेंगे।

palatal sanskrit consonant
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The second group is called चवर्ग (palatals). The pronunciation point is Palate.
द्वितीय वर्ग को चवर्ग कहते हैं। इनका उच्चारण स्थान तालुः हैं।

Sanskrit consonant च (ca)
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च (ca)का उच्चारण स्थान तालु है। यह चवर्ग का प्रथम अक्षर है। इसके उच्चारण में प्रतिध्वनि/गूंज (अघोष) नही  होती तथा साँस छोडने की जरूरत भी नही (अल्पप्राण) होती हैं।
च (ca ) is unaspirate hard letter ,which means it doesn’t reverberate (vibration)  nor  exhalation to be pronounce. It is pronounced from palatal (roof of the mouth). Example, Chutney, Cheetah, Champion, etc.

Sanskrit consonant छ (cha)
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छ (cha)का उच्चारण स्थान तालु है। यह चवर्ग का द्वितीय अक्षर है। इसके उच्चारण में प्रतिध्वनि/गूंज (अघोष) नही  होती हैं परन्तु साँस छोडने की जरूरत होती (महाप्राण) हैं।
छ (cha) is aspirate hard letter. This letter doesn’t reverberate (vibration) but does need an exhalation to be pronounced. It is pronounced from palatal (roof of the mouth).

Sanskrit consonant ज (ja)
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ज (ja) का उच्चारण स्थान तालु है। यह चवर्ग का तृतीय अक्षर है। इसके उच्चारण में प्रतिध्वनि/गूंज (सघोष) होती हैं परन्तु साँस छोडने की जरूरत नही (अल्पप्राण) होती हैं।
ज (ja) is unaspirate soft letter ,which means it does  reverberate (vibration)  but doesn’t need exhalation to be pronounce. It is pronounced from palatal (roof of the mouth). Example Jakarta, Ginger, Jaggery, Java, Jungle, Jane, Etc.

Sanskrit consonant झ (jha)
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झ (jha) का उच्चारण स्थान तालु है। यह चवर्ग का चोथा अक्षर है। इसके उच्चारण में प्रतिध्वनि/गूंज (सघोष) होती हैं एवम् साँस छोडने की जरूरत भी होती (महाप्राण) हैं।
झ (jha) is aspirate soft letter. This letter does  reverberate (vibration) also need an exhalation to be pronounced. It is pronounced from palatal (roof of the mouth).

Sanskrit consonant ञ (ña
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ञ (ña) का उच्चारण स्थान नासिका है। यह चवर्ग का पांचवां तथा अंतिम अक्षर है। इसके उच्चारण में प्रतिध्वनि/गूंज (सघोष) होती हैं परन्तु साँस छोडने की जरूरत नही (अल्पप्राण) होती हैं।
ञ (ña) is un-aspirate soft letter. This letter does reverberate (vibration) ) but doesn’t need exhalation to be pronounce. It is pronounced from nasal. For example Niagera, fiNch.

In the next post we will learn about टवर्ग (Cerebral) . Please send your query, comments, suggestion below. Don’t Forget to like and Share the post.

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2 thoughts on “चवर्ग (palatal), Sanskrit alphabet, Sanskrit-101 part -4”

  1. Pingback: तवर्ग Sanskrit Consonants (dental), Sanskrit alphabet, Sanskrit-101 part -6 – Sanskrit Gurukul

  2. Pingback: टवर्ग Sanskrit Consonants (cerebral), Sanskrit alphabet, Sanskrit-101 part -5 – Sanskrit Gurukul

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